ऐसे टिके हैं टिकैत !
किसान आंदोलन का एकमात्र चेहरा बन चुके राकेश टिकैत ने कहा है कि वे बंगाल में भी जाकर किसान पंचायत करेंगे। इसके पहले उन्होंने 2024 तक आंदोलन करने की बात कही। बंगाल में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और 2024 में आम चुनाव होगा। इन दोनों बयानों से साफ लग रहा है कि टिकैत किसी खास एजेंडे पर काम कर रहे हैं और केंद्र सरकार और बीजेपी के खिलाफ हैं। लेकिन इसके साथ ही टिकैत हरियाणा के जाट प्रभाव वाले इलाकों जींद, कुरुक्षेत्र, सिरसा में भी सक्रिय हो रहे हैं, जहां जाट वोट पर आधारित जजपा और इनेलो का जनाधार है। जजपा हरियाणा में बीजेपी के साथ सरकार चला रही है लेकिन रिश्ते बहुत भरोसेमंद नहीं हैं। जजपा ने नौकरियों में स्थानीय युवाओं के लिए रिजर्वेशन लागू करवा लिया है। बीजेपी के बाहर से आकर बसे वोटर इसे लेकर सहज नहीं हैं। जब से टिकैत की हरियाणा में सक्रियता बढ़ी है तो जाहिर है कि इनेलो और जजपा के नेता परेशान होंगे। अब जजपा के सामने नई चुनौती टिकैत का काट खोजने की होगी और जब तक वह इस काम में लगी रहेगी, वह बीजेपी पर प्रेशर नहीं बना पाएगी। विधानसभा चुनाव में बीजेपी के कई जाट दिग्गज चुनाव हार गए थे। जजपा...