मऊ में सब बंद है, राजनीति चालू है
यह है मऊ सदर विधानसभा क्षेत्र। पूर्वी उत्तर प्रदेश की चर्चित सीटों में से एक। यहांं का राज पैलेस सिनेमाहॉल बंद है, बुनकरों के इस इलाके में स्वदेशी कॉटन मिल दशकों से बंद है, बीजेपी की किस्मत का ताला इस सीट पर आज तक बंद है और स्थानीय विधायक 2005 से जेल में बंद है। दूसरी तरफ, राजनीतिक गलियारा यहां बन रहे हाइवे की तरह खुला है। यह अलग बात है कि मिर्जा हादीपुरा से पेट्रोल टँकी क्रास कर बलराई मोड़ तक पहुंचते-पहुंचते राजनीतिक गलियारे का स्वरूप बदल जाता है, समर्थन और विरोध का सुर बदल जाता है। दूसरी सीटों से बदला हुआ नजारा यहां दिखता है, जब यहां योगी-अखिलेश से अधिक प्रत्याशियों की चर्चा होती है। इस बदलाव पर थोड़ा और गौर करें तो 1996 से यहां के विधायक बन रहे मुख्तार अंसारी की राजनीतिक विरासत बदल गई है। अब उनके बेटे अब्बास अंसारी को यहां से प्रत्याशी बनाया गया है। बदलने पर एक और बात याद आ रही है, मुख्तार अंसारी के पार्टी बदलने की। कभी बसपा से, कभी निर्दलीय, कभी खुद के कौमी एकता दल से और इस बार सुभासपा से चुनाव लड़ने की तैयारी थी। विमर्श के माध्यम बदल रहे हैं। बलराई मोड़ से रैनी की ओर जाने वाले तिर...