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चोर को जाने दो, तबला बजाने दो

अक्कड़-बक्कड़ बंबे बो अस्सी-नब्बे पूरे सौ सुई में लागा  धागा चोर निकलके भागा चोर को जाने दो तबला बजाने दो तबले में तोते हाथी जी के पोते पिछले दिनों पशुपालन घोटाले की सुनवाई के दौरान जब लालू यादव ने जज से कहा कि हुजूर, जेल में बहुत ठंड लगती है तो सीबीआई कोर्ट के विशेष जज ने छूटते ही कहा कि तबला बजाइये, गर्मी आ जाएगी। नब्बे के दशक में जब इस केस की सुनवाई चल रही थी तब एक अदालत ने फैसले के दौरान कहा था कि जब रोम जल रहा था तब नीरो चैन की बंसी बजा रहा था। नीरो के बारे में कहा जाता है कि जब रोम जल रहा था, तब वह बंसी बजा रहा था। बिहार में एक राजनीतिक कहावत है, रोम पोप का, मधेपुरा गोप का। मधेपुरा से 2004 में लालू यादव और शरद यादव आमने-सामने लोकसभा का चुनाव लड़ रहे थे तब एक जुमला उछला था-रोम पोप का, मधेपुरा किस गोप का? बाद में एक गोप (लालू यादव) पशुपालन घोटाले में फंस गए। हालांकि लालू ने उस चुनाव में शरद को हरा दिया था। बिहार विधानसभा में इस दौरान एक बार लालू यादव ने चारा घोटाले को लेकर हो रहे हो-हंगामे के दौरान कहा था कि कृष्ण भी कहते रहे कि, ‘मैं नहीं माखन खायो’, लेकिन किसी ने ...

रांची जेल की खैनी पार्टी

कई साल पहले बोस्टन की टी पार्टी हुई थी, जिसका इतिहास की किताबों में जिक्र है। उसके कई साल बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल में कलमाडी की टी पार्टी हुई थी, जिसका जिक्र तत्कालीन मीडिया रिपोर्ट्स में है। अब वक्त याद रखेगा बिरसा मुंडा जेल में हुए एकल खैनी स्वादन के लिए। हालांकि इस मामले को मीडिया में खैनी की तरह ही हल्के में लिया जा रहा है, जबकि इसका किरदार काफी वजनी है। इस खैनी कांड के किरदार पर 900 करोड़ से अधिक के पशुपालन घोटाले में शामिल होने का आरोप है। कई म ामलों में दोष साबित हो चुका है और एक में सजा भी हो चुकी है। सवाल यह है कि क्या जेल में बाहर से कोई भी चीज भेजी जा सकती है? आज खैनी, कल गांजा, परसों भांग, फिर स्मैक, चरस कुछ भी भेज दो। फिर जेलों के अंदर बार--बार तलाशी क्यों ली जाती है नशीले पदार्थों की। या खैनी को परम तत्व मानते हुए छुूट दी गई है। बचपन में खैनी पर सुनी एक कविता याद आ रही है हम काहें खइनी खाइना? एक दिन बीच सभा में बइठल रहनी खइनी लेके अइंठत रहनी जब दुख बुझाइल दूना त पाकिट में से कढनी चूना आ ओकरा के खैनी में मिलाय तब देनी मुंह में पठाय भर मुंहे जब थूक ...