हरसु ने गुलेल को दुरुस्त कर लिया था। मिट्टी की गोलियां बनाकर उन्हें धूप में सूखा ही नहीं लिया था, बल्कि कंचे भी खरीद लिए थे। कानून व्यवस्था सम्भालने को चौकस दरोगा की तरह गोल...
ख़ुशी के रंग लेकर ही हमेशा आती है होली सनक जाता बुढ़ापा भी निगलकर भांग की गोली भला यौवन बचाये खुद को कैसे इसके जादू से बसन्ती हो गई चुनरी, गुलाबी हो गई चोली हिया में हूक उठती सु...