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कोसने से पहले सोचिए

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यह है गाजियाबाद संसदीय क्षेत्र का दलित मोहल्ला बीचफटा। यहां लोगों ने साफ कहा कि उनके कच्चे मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के हो रहे हैं और वे बीजेपी के अलावा किसी और को वोट नहीं देंगे। चुनाव आयोग ने कई जगहों पर रोक विजय जुलूस निकालने पर लगाई है, लेकिन मातम मनाने पर नहीं, इसलिए पानी पी पीकर कोसिए। लेकिन आपको यह बताना होगा कि 5 साल तक सिवाय कोसने के आपने क्या किया है? यह सवाल कांग्रेस से भी है और लेफ्ट से भी। आप अपने समर्थकों के साथ आभासी दुनिया में मोदी को कोसते रहे। राजस्थान, एमपी और छतीसगढ़ में जीत के बाद आप इतराते रहे लेकिन यह समझ नहीं पाए कि वहां की जनता का गुस्सा इस हार के साथ उतर गया है और वे लोकसभा चुनाव में मोदी के साथ आएंगे। राजस्थान ने तो खुलकर कहा था कि मोदी तुझसे बैर नहीं, रानी तेरी खैर नहीं। आप नारे का मर्म समझने की जगह कोसने में तल्लीन रहे।  एनसीआर में इखलाक और जुनैद हत्याकांड हुए। सीपीएम की वृंदा करात की आवाजाही वहां लगी रही। उसी दौरान दिल्ली में एक मुस्लिम लड़की से प्रेम करनेवाले फोटोग्राफर अंकित सक्सेना की हत्या कर दी गई। वृंदा क्या, कोई अदना वामपंथी...

किसकी गोद में वामपंथ ; जसोदा मैया या पूतना के

आज ही की तरह वह सम्भवतः 31 मार्च 1997 की तारीख थी। बिहार में गरीब-गुरबों और सामाजिक न्याय की सरकार थी। जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष रह चुके आइसा से जुड़े चंद्रशेखर सिवान में व्यवस्...

यह नुमाइश सराब की सी है

हस्ती अपनी हबाब की- सी है यह नुमाइश सराब की- सी है नाज़ुकी उसके लब की क्या कहिए पंखुड़ी इक गुलाब की- सी है मीर तकी मीर ने कई साल पहले जब यह रचना की तो सराब का इस्तेमाल बड़ी नज़ाकत से कि...

चुनावी चैता

पिया नाही अइले हो रामा, पिया नाही अइले, बीत गइले सउँसे चइतवा हो रामा पिया नाही अइले। जैसे ही कॉमरेड चंदू ने चैती गाना शुरू किया, भाजपाई दीनानाथ भड़क गए। खूब बूझते हैं हम इसका म...

मैं बक्सर हूँ

मैं बक्सर हूं। जी हां, गंगा और ठोरा या गंगा और करमनासा के संगम पर बसा हुआ। मेरी सीमा से ही बिहार में गंगा नदी प्रवेश करती है, मेरी ही धरती पर 1539 में शेरशाह ने हुमायूं को और 1764 में अं...

तुम्हारे पांव के नीचे जमीन नहीं

बुझ चुका है तेरे हुस्न का हुक्का, ये हमारी वफ़ा है कि गुड़गुड़ाये जाते हैं लेकिन सवाल है कि कब तक? बंगाल और त्रिपुरा में हुक्का बुझ चुका है। चि, लाम और मीन यानी चिलम के सारे पार्ट ...

गदहा की यारी में...

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सिंहासन बत्तीसी तक पहुंचने के लिए जिस तरह प्रेम पचीसी के बजाय गदहा पचीसी का सहारा लिया जा रहा है उससे इस भद्र जानवर को कितनी ख़ुशी हो रही होगी या दर्द हो रहा होगा ये फ़िलहाल पता नहीं। इस लौंडा पचीसी पर किसे दुलत्ती पड़ती है, यह तो 11 को पता चलेगा लेकिन फिलहाल तो गर्दभ पुराण का पाठ चालू है। किस गधे की वापसी? कृष्न चन्दर ने गधे पर 3 उपन्यास लिखे थे। 'एक गधे की आत्मकथा' 'एक गधे की वापसी' और 'एक गधा नेफा में'। अब यहाँ से कोई गधा नेफा में नहीं बल्कि नेपथ्य में जायेगा। किस गधे की वापसी होगी, फ़िलहाल तो इसका इंतजार ही ठीक रहेगा। एक लगातार दूसरी बार वापसी के लिये मचल रहा है तो दूसरा 14 साल का वनवास ख़त्म करने को व्याकुल है। गधा और घास गधा गर्मी में मोटा होता है और बारिश के दिनों में दुबला। यह विचित्र है। जब घास नहीं मिलती है तो गधा क्यों मोटा होता है। कहा जाता है कि गर्मी के दिनों में जब वह घास का एक-दो तिनका खाते हुए कई कोस तक चला जाता है और जब पीछे मुड़कर देखता है तो यह सोचकर तृप्त हो जाता है कि उसने इतने कोस की घास चर ली। मारे आत्मसंतुष्टि के उसकी खाल चिकनी ह...

बिसाहड़ा में भाजपा का जोर, पूरे दादरी इलाके में मुस्लिम वोट सपा-कांग्रेस गठबंधन के साथ

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बिसाहड़ा में आदर्श पोलिंग सेंटर बनाया गया था और शानदार टेंट, कारपेट, चेयर सभी का इंतजाम था। इसका बावजूद कहीं न कहीं तल्खी भी थी  जिसे लेकर  राणा  संग्राम   सिंह इंटर कॉलेज (यहां मतदान केंद्र था)  का  मेन गेट पूरी तरह नहीं खुला था। साइड का गेट ही लोगों के लिए खोला गया था, जिसमें से एक बार में एक ही आ दमी आ-जा सकता था।  यही मिले थे सुबोध राणा (दाएं)।  दूसरे पोलिंग सेंटरों पर पूरा गेट खुला था। टिकट बंटने से लेकर चुनाव प्रचार चलने तक जहां नोएडा सीट गौतमबुद्ध नगर में सबसे हॉट मानी जा रही थी, वहीं वोटिंग वाले दिन जिले की दादरी सीट पर राजनीतिक पारा सबसे चढ़ा रहा। शनिवार को यहां सीधे-सीधे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया था। बिसाहड़ा कांड की वजह से प्रशासन भी इस इलाके में चौकस था। इस सीट के कई बूथों पर मतदाताओं से बात करने पर साफ पता चला कि मायावती के बजाय सपा-कांग्रेस गठबंधन पर मुसलमानों ने भरोसा किया है। दादरी की नई आबादी वाले बूथ पर गठबंधन के प्रत्याशी समीर भाटी का जोर दिखा। हालांकि यह भी कहा जा सकता है कि चूकि समीर वहीं रहते हैं इसल...