Posts

Showing posts with the label जिहाले मिस्की मकुन तगाफुल

किसे पड़ी है जो जा सुनाए पियारे पी को हमारी बतियां

आज के माहौल में अमीर खुसरो की चर्चा प्रासंगिक लग रही है। फ़ारसी और ब्रज का जैसा संगम उनकी रचना में है, उसमें डुबकी लगाने के बाद लगता है कि दोनों में कितना नैसर्गिक रिश्ता स्थ...