Posts

Showing posts with the label महाशिवरात्रि

कैसी बरात सजाई है जटाधारी ने!

शंकर और राम, इन दोनों की बरात कई मायने में अलग थी। राम की बरात में दूल्हा नहीं था। न घुड़चढ़ी हुई थी न परिछावन। दूल्हा जनकपुर नें बरातियों को मिला था। मानस में लिखा है, रामहिं दे...