कैसी बरात सजाई है जटाधारी ने! Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - February 13, 2018 शंकर और राम, इन दोनों की बरात कई मायने में अलग थी। राम की बरात में दूल्हा नहीं था। न घुड़चढ़ी हुई थी न परिछावन। दूल्हा जनकपुर नें बरातियों को मिला था। मानस में लिखा है, रामहिं दे... Read more