Posts

Showing posts from May, 2026

बंगालियों के लिए मुक्तिवाहिनी साबित हुए बिहारी

Image
बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सत्ताधारी पार्टी नहीं रही। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी खुद चुनाव हार गईं। वैसे भी वैसाख-जेठ की प्रचंड धूप में न तृण बचता है न उसका मूल, सब झुलस जाते हैं। अस्तु भोजपुरी संगीत में दुगोला गायकी की रात भर चलने वाली प्रतियोगिता की दशकों पुरानी रवायत है और इसका उद्गम स्थल माना जाता है तत्कालीन कलकत्ता को। असम के चाय बागानों के बाद बिहार का पलायन बंगाल में हुआ। हिंदुस्तान मोटर्स (एंबेसडर बनाने वाली कंपनी), जो भोजपुरी भाषियों में हिन्द मोटर के नाम से मशहूर है, समेत कई कंपनियों में बिहार के कुशल, अर्द्धकुशल और अकुशल श्रमिकों को रोज़गार मिला। परंपरावश ये मजदूर वहां समूह में रहते थे और बीवी बच्चे घर पर। इनमें किसी की स्थिति रोजाना धर्मतल्ला जाकर फ़ुचका (गोलगप्पा) खाने की तो थी नहीं, तो ये सभी लोग शाम में जुट कर भजन-कीर्तन करते थे। फिर यह कार्यक्रम रात तक चलने लगा। धुरान का तो धर्मतल्ला में फुचका पर चर्चित गाना भी है। गोपालगंज के बेचू मियां, बलिया के वीरेंद्र सिंह धुरान, देवरिया के गुलाब शर्मा, बक्सर के भरत शर्मा व्यास के अलावा परशुराम, पुलिस राय और तूफान समेत न जाने कितनों ...